Friday, December 12, 2008

आह...........

दिल टूट गया हो जिसका
और दिल से आह निकलती है
मै वो बदनसीब लाश हूँ
जो हर रात जलती है....

अरमान....

हम भी चार कंधो पर थे
वो भी चार कंधो पर थे
फर्क इतना था वो हमारी अरमानो की डोली मे थे
हम उनकी बेवफाई के जनाजे पर थे....

सज़ा कबूल की हमने...

जब ज़िन्दगी समझ मे आयी
तो ज़िन्दगी से दूर थे हम
मरना चाहा पर जीने के मजबूर थे हम
हर सज़ा कबूल की हमने, सर झुकाकर
कसूर इतना था के बेकसुर थे थम..

पत्थर की दुनियाँ...

पत्थर की दुनियाँ है जज़्बात नही समझती
दिल मे क्या है वो बात नही समझती
तन्हा को चाँद भी है सितारो के बीच
चाँद का दर्द बेवफा रात नही समझती ??

जी भर के रोये .....

जी भर के रोये तो करार पाया
इस दौर मे किसने सच्चा दोस्त पाया
गुज़र रही है ज़िन्दगी इम्तिहानो के दौर मे
एक ज़ख्म भरा नही के दुसरा तैयार पाया........

बेवफाई ...

अरे लोग कहते है बाजा, वो तो मै भी बजा सकता था मगर मेरी साज बेवफा निकली,
गाना अरे गाना क्या है वो तो मै भी गा सकता था मगर मेरी आवाज बेवफा निकली,
अरे वो ताज महल क्या है वो तो मै भी बनवा सकता था मगर मेरी मुम्ताज ही बेवफा निकली,,,

प्यासे को.......

प्यासे को एक कतरा पानी काफी है
इश्क़ मे चार पल की ज़िन्दगी काफी है
डुबने को समुंद्र मे जाये कहा
आपकी आंखो से टपका वो पानी काफी है.......

चाँदनी रात !!

चाँदनी रातो मे सारा जहाँ सोता है
लेकिन किसी की मोहब्बत मे कोई बद नसीब रोता है
खुदा, किसी को मोहब्बत मे फिदा ना करे
अगर करे तो क़्यामत तक जुदा ना करे ...

दर्द मे भी प्यारी मुस्कान !!

आप ने की बेवफाई
मगर मै अभी वफा करता हूँ
आप ने की बेवफाई
मगर मै अभी वफा करता हूँ
कही आंखो मे ना आ जाये आंसू
इसलिये मुस्कुराते रहता हूँ ,,,,,

ये अदा है !!

ये अदा है, कोई गिला नही
मेरी हमसफर, मेरी ज़िन्दगी
मै ये सोचता हूँ के खुदा करे
तुझे ज़िन्दगी मे वो सुख मिले
जो मुझे ज़िन्दगी मे कभी मिला नही !!

जब दिल टूटे !!

कभी किसी से ज़िक्र-ए-जुदाई मत करना
इस दोस्त से कभी रसवाई मत करना
जब दिल टूट जाये हमारी दोस्ती से तो बता देना
बिन बताये बेवफाई मत करना...

बेवफा का नाम ;

इश्क़ मोहब्बत की कोई फरियाद मत करना
प्यार करके किसी को बर्बाद मत करना
वफा की उम्मीद नही थी तुमसे पर
किसी को बेवफाई का नाम देकर बदनाम मत करना ;;

उनकी याद !!

याद आये तो कभी उनकी, याद ना करना
मिलने की कभी उनसे फरियाद ना करना
लोग तो यूँ ही दगा दिया करते है
उनके लिये अपनी ज़िन्दगी बर्बाद ना करना........

दिल के टुकडे !!

टुटे दिल के टुकडे दिखाये कैसे...
आंखो के आंसु छुपाये कैसे..
आपने जो दिये है हमे....
इस दिल के दर्द बताये कैसे......

सपनो की तरह !!

सपनो की तरह आकर चले गये...
अपनो को भुलाकर चले गये...
किस भुल की सज़ा दी उन्होने हमे...
पहले हसाया फिर रुलाकर चले गये.....

ए दिल.....

ए दिल उनकी याद मे रोना फुज़ुल है..
आंसु अनमोल है इनको खोना फुज़ुल है.....
रोते उनके लिये है जो तुम पर निसार है.......
उसके लिये क्या रोना जिसके आशिक़ हज़ार है......

ज़ख्म जब मेरे सीने से....

ज़ख्म जब मेरे सीने के बहार जायेंग़े
आंसू भी मोती बनकर बिखर जायेंगे
ये मत पुछना कि किस ने दर्द दिया
वरना कुछ अपनो के चेहरे भी उतर जायेंगे.......

अपनो ने ज़हर का जाम दिया !!

अपनो ने ज़हर का जाम दे दिया....
गैरो ने बेवफा का नाम दे दिया.......
वो जो कहते थे की भूल ना जाना हमे.....
आज उन्होने ही भरी मेहफिल मे अंजान कह दिया.....

प्यार कर के.....

प्यार कर के भुलाना ना आया हमे!!
किसी के दिल को मनाना ना आया हमे!!!
किसी से तडपना तो सीख लिया!!!!
पर किसी को तडपाना ना आया हमे!!!!!!

दिन गुजारते रहते है....

तेरी निगाह के जादू बिखरते रहते है.
जो जख्म दिल को मिले थे वो भरते रहते है..
तेरे बिना वो दिन भी गुज़र गया आखिर...
तेरे बिना ये दिन भी गुजारते रहते है...........